किसी को अपना बनाने की चाहत में घर से निकले
बस इतनी सी ख्वाहिश ने जिंदगी भर का मुसाफिर बना दिया ....।।।। 8.4.2013

दो पल की जिंदगी दी उस खुदा ने एक पल हंसी में बीता ,दूसरा ख़ुशी से बीत रहा है ....।।।। THANK GOD 13.4.2013

कहने को तो बहुत जिंदादिल हैं हम पर अपनों की याद रुला देती है कभी कभी ....।।।।

दोस्ती के इस शहर में हम वो शख्स हैं जो
आंसूं खरीदते हैं अपनी मुस्कराहट बेच कर ....।।।।

दर्द इतना है जिंदगी में कि
अब धड़कने भी घबरा गयी हैं ....